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यह भूमि जहाँ एक ओर हिमालय की पवित्रता और गंगा-यमुना की निर्मलता का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर देश की सीमाओं की प्रहरी के रूप में भी कार्य करती है : अनिल बलूनी

 

यह भूमि जहाँ एक ओर हिमालय की पवित्रता और गंगा-यमुना की निर्मलता का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर देश की सीमाओं की प्रहरी के रूप में भी कार्य करती है : अनिल बलूनी

गढ़वाल लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख श्री अनिल बलूनी जी ने उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की।

उन्होंने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास, संघर्षशील जनआंदोलन और हमारे आंदोलनकारियों के अदम्य साहस को नमन करने का दिन है। उन असंख्य वीरों, माताओं-बहनों और युवाओं के बलिदान के कारण ही आज हम देवभूमि उत्तराखंड के स्वतंत्र अस्तित्व का उत्सव मना रहे हैं।

श्री बलूनी जी ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा उसकी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति में बसती है। यह भूमि जहाँ एक ओर हिमालय की पवित्रता और गंगा-यमुना की निर्मलता का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर देश की सीमाओं की प्रहरी के रूप में भी कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। चारधाम ऑलवेदर रोड, रेल संपर्क, सीमांत क्षेत्रों का पुनर्निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में हो रहा अभूतपूर्व परिवर्तन प्रदेश के उज्जवल भविष्य का परिचायक है।

श्री बलूनी जी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है एक ऐसा विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध उत्तराखंड बनाना जो अपनी संस्कृति पर गर्व करे, युवाओं को अवसर दे, सीमांत क्षेत्रों को सशक्त बनाए और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुँचाए।

अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि राज्य आंदोलन की भावना को जीवित रखते हुए हम सब मिलकर उस उत्तराखंड का निर्माण करें, जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, जहाँ संघर्ष की भावना, संस्कृति का गौरव और विकास का संकल्प साथ-साथ चले।

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